SachinSaxena
Monday, July 11, 2011
कुछ उन पलो के लिए...
लिखू आज कुछ उन पलो के लिए,
अपनी चाहत के उन सिलसिलो के लिए,
जो बीते नशे मे हुए झूमते,
किसी के हसीं लवो को चूमके..
जिनके हर अंश मे एक अहसास था,
कोई अपना मेरा मेरे बहुत पास था,
जो रुके तो नहीं बस निशां रह गए,
मगर एक ख़ुशी बेइंतहा दे गए...
©सचिन
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