तेरे चहरे पे सदके गये,
लो आज हम फिर मर गये,
झुकी सी नजरो मे तुम्हे यू देखके,
अरमान आज फिर हद से गुजर गये...
तुम रहे सामने कुछ इस तरह,
कि हम भी दिल की ख्वाहिश की हकीकत से मुकर गये,
और बहते हुए पानी कि तरह,
न जाने कितने ख्वाब आँखों से गुजर गये...
लो आज हम फिर मर गये,
झुकी सी नजरो मे तुम्हे यू देखके,
अरमान आज फिर हद से गुजर गये...
तुम रहे सामने कुछ इस तरह,
कि हम भी दिल की ख्वाहिश की हकीकत से मुकर गये,
और बहते हुए पानी कि तरह,
न जाने कितने ख्वाब आँखों से गुजर गये...