Sunday, August 28, 2011

वो पल..

हाँ बहुत खूबसूरत है,
जब पोछो तोलिये से आप,
बड़ी प्यारी सी मूरत है,
झटकते आप जब ये बाल...
गिरे चहरे पे कुछ बूंदे,
तेरे इन कैशुओ की जब,
बड़ी राहत सी इस दिल को,
रहू मै देखता जब तक..
मगर शैतान दिल ठहरा,
नहीं रुकता सम्हाले से,
कि भर बाहों मे फिर तुमको,
जो लव चुमू ये होले से...
तो बहक जाता है ये आलम,
झुका लेते नजर जब आप,
जगा तूफ़ान अजब दिल के,
हमे करते फनाह फिर आप..
©सचिन

No comments:

Post a Comment