मेरे साये को न मुझसे अलग होने दे
आज ये मुलाकात न ख़तम होने दे
बैठा रहने दे उसके पहलु मे मुझे
आज ये बात न ख़तम होने दे
कितने अरसे के है बाद मिले पल ये मुझे
ऐसे लम्हों को यु ही चलने दे
आज शामिल हु नहीं किसी दौड़ मे मै
आज दुनिया से मुझे पीछे होने दे
और रहने दे मुझे साथ तेरे कस्ती मे
आज लहरों को यु ही चड़ने दे
आज रहने दे सितारों को मेरे आँगन मे
आज ये रात न ख़तम होने दे
मेरे साये को...आज ये मुलाकात..
©सचिन
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