Thursday, April 28, 2011

आज रह जाने दे...

आज रह जाने दे इन रेशमी जुल्फों को,
मेरे चहरे पे गिरा इनकी इस खुशबू को,
आज डूब जाने दे अपनी इन निगाहों मै,
बैठा रहने दे मुझे अपनी इन पनाहों मै...
भर के बाहों मै मुझे पास हो जाने दे,
अपने होठो मै मुझे आज खो जाने दे,
आज रह जाने दे आँख मै सिलवट को,
वक़्त दे दे तू जरा अपनी इस करवट को...
आज बाहों की पकड़ थोडा कस जाने दे,
तेरी साँसों मै कही मुझे बस जाने दे,
आज पर्दा न कोई मुझसे तुम यार करो,
भूल दुनिया ये डर ऐसा कुछ आज करो...
आज बह जाने दे वक़्त के साथ मुझे,
दिल मै रख लेने दे अपना अहसास मुझे,
दिल के सैलावो मै आज डूब जाने दे,
कुछ मिलो इस तरह सब कुछ भूल जाने दे....
©सचिन

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